menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
कर्ण पर्व
अध्याय ४
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
तथा सुतस्ते ज्वलनार्कवर्णं; रथं समास्थाय़ कुरुप्रवीर |  ९७   क
व्यवस्थितः कुरुमित्रो नरेन्द्र; व्यभ्रे सूर्यो भ्राजमानो यथा वै ||  ९७   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति