menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय ७२
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
ततो द्रोणं शिनेः पौत्रो ग्रसन्तमिव सृञ्जय़ान् |  ३४   क
प्रत्यविध्यच्छितैर्वाणैः षड्विंशत्या स्तनान्तरे ||  ३४   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति