menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय ५८
chevron_left
chevron_right
वृहदश्व उवाच
ततः पुष्करमालोक्य नलः परममन्युमान् |  ५   क
उत्सृज्य सर्वगात्रेभ्यो भूषणानि महाय़शाः ||  ५   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति