menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ४०
chevron_left
chevron_right
व्रह्मो उवाच
आत्मनो महतो वेद यः पुण्यां गतिमुत्तमाम् |  ८   क
स धीरः सर्वलोकेषु न मोहमधिगच्छति |  ८   ख
विष्णुरेवादिसर्गेषु स्वय़म्भूर्भवति प्रभुः ||  ८   ग
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति