menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय ४०
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
निरुच्छ्वासोऽभवच्चैव संनिरुद्धो महात्मना |  ५१   क
ततः पपात संमूढस्ततः प्रीतोऽभवद्भवः ||  ५१   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति