menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय ५०
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
मुखवर्णोऽप्रसन्नो वः सर्वेषामेव लक्ष्यते |  १९   क
न चाभिमन्युं पश्यामि न च मां प्रतिनन्दथ ||  १९   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति