भीष्म पर्व  अध्याय ४०

श्रीभगवानु उवाच

विषय़ेन्द्रिय़संय़ोगाद्यत्तदग्रेऽमृतोपमम् |  ३८   क
परिणामे विषमिव तत्सुखं राजसं स्मृतम् ||  ३८   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति