menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शल्य पर्व
अध्याय ४०
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
तत्रेष्ट्वा पुरुषव्याघ्रो यय़ातिः पृथिवीपतिः |  ३१   क
आक्रामदूर्ध्वं मुदितो लेभे लोकांश्च पुष्कलान् ||  ३१   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति