menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
भीष्म पर्व
अध्याय ४६
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
तथोक्तः स नृदेवेन विष्णुर्वज्रभृता इव |  ४१   क
प्रभाते सर्वसैन्यानामग्रे चक्रे धनञ्जय़म् ||  ४१   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति