menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय २६२
chevron_left
chevron_right
मार्कण्डेय़ उवाच
सीते राक्षसराजोऽहं रावणो नाम विश्रुतः |  ३३   क
मम लङ्का पुरी नाम्ना रम्या पारे महोदधेः ||  ३३   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति