आदि पर्व  अध्याय ४१

पितर ऊचुः

न हि नस्तत्तपस्तस्य तारय़िष्यति सत्तम |  २६   क
छिन्नमूलान्परिभ्रष्टान्कालोपहतचेतसः |  २६   ख
नरकप्रतिष्ठान्पश्यास्मान्यथा दुष्कृतिनस्तथा ||  २६   ग
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति