आदि पर्व  अध्याय ४१

सूत उवाच

वाय़ुभक्षो निराहारः शुष्यन्नहरहर्मुनिः |  ३   क
स ददर्श पितृन्गर्ते लम्वमानानधोमुखान् ||  ३   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति