menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
आश्रमवासिक पर्व
अध्याय ४१
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
ततो विसर्जय़ामास लोकांस्तान्मुनिपुङ्गवः |  १२   क
क्षणेनान्तर्हिताश्चैव प्रेक्षतामेव तेऽभवन् ||  १२   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति