सभा पर्व  अध्याय ४१

भीष्म उवाच

को हि मां भीमसेनाद्य क्षितावर्हति पार्थिवः |  २   क
क्षेप्तुं दैवपरीतात्मा यथैष कुलपांसनः ||  २   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति