उद्योग पर्व  अध्याय ४१

धृतराष्ट्र उवाच

व्रवीहि विदुर त्वं मे पुराणं तं सनातनम् |  ७   क
कथमेतेन देहेन स्यादिहैव समागमः ||  ७   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति