भीष्म पर्व  अध्याय ४१

सञ्जय़ उवाच

वासुदेवश्च भगवान्पृष्ठतोऽनुजगाम ह |  १०   क
यथामुख्याश्च राजानस्तमन्वाजग्मुरुत्सुकाः ||  १०   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति