menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
भीष्म पर्व
अध्याय ४१
chevron_left
chevron_right
शल्य उवाच
व्रूहि किमत्र साह्यं ते करोमि नृपसत्तम |  ८०   क
कामं योत्स्ये परस्यार्थे वृतोऽस्म्यर्थेन कौरवैः ||  ८०   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति