menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय १५४
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
मार्गाच्च राक्षसं मूढं कालोपहतचेतसम् |  ३०   क
भ्रमन्तं तत्र तत्रैव दैवेन विनिवारितम् ||  ३०   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति