menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय २८७
chevron_left
chevron_right
पराशर उवाच
स्वय़ं कृतानि कर्माणि जातो जन्तुः प्रपद्यते |  २८   क
नाकृतं लभते कश्चित्किञ्चिदत्र प्रिय़ाप्रिय़म् ||  २८   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति