आश्वमेधिक पर्व  अध्याय ४२

व्रह्मो उवाच

कामक्रोधौ भय़ं मोहमभिद्रोहमथानृतम् |  ५५   क
इन्द्रिय़ाणां निरोधेन स तांस्त्यजति दुस्त्यजान् ||  ५५   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति