आश्रमवासिक पर्व  अध्याय ४२

सूत उवाच

अव्रवीच्च मुदा युक्तः पुनरागमनं प्रति |  २   क
कथं नु त्यक्तदेहानां पुनस्तद्रूपदर्शनम् ||  २   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति