शान्ति पर्व  अध्याय १४३

भीष्म उवाच

अहो देहप्रदानेन दर्शितातिथिपूजना |  ८   क
तस्माद्धर्मं चरिष्यामि धर्मो हि परमा गतिः |  ८   ख
दृष्टो हि धर्मो धर्मिष्ठैर्यादृशो विहगोत्तमे ||  ८   ग
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति