menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय १४५
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
तं द्रोणः पञ्चविंशत्या विद्ध्वा भारत संय़ुगे |  ७   क
चिच्छेदान्येन भल्लेन धनुरस्य महाप्रभम् ||  ७   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति