menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय ११७
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
चिराभिलषितो ह्यद्य त्वय़ा सह समागमः |  ८   क
पुरा देवासुरे युद्धे शक्रस्य वलिना यथा ||  ८   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति