menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय १५४
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
सञ्छिन्नभिन्नध्वजिनश्च के चि; त्केचिच्छरैरर्दितभिन्नदेहाः |  ११   क
केचिद्विसूता विहय़ाश्च के चि; द्वैकर्तनेनाशु कृता वभूवुः ||  ११   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति