menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
स्त्री पर्व
अध्याय ५
chevron_left
chevron_right
विदुर उवाच
एवं स वसते तत्र क्षिप्तः संसारसागरे |  २२   क
न चैव जीविताशाय़ां निर्वेदमुपगच्छति ||  २२   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति