शान्ति पर्व  अध्याय ७८

राजो उवाच

तपस्विनो मे विषय़े पूजिताः परिपालिताः |  २०   क
संविभक्ताश्च सत्कृत्य मामकान्तरमाविशः ||  २०   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति