आश्वमेधिक पर्व  अध्याय ४३

व्रह्मो उवाच

प्रकाशलक्षणा देवा मनुष्याः कर्मलक्षणाः |  २०   क
शव्दलक्षणमाकाशं वाय़ुस्तु स्पर्शलक्षणः ||  २०   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति