menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ४३
chevron_left
chevron_right
व्रह्मो उवाच
पुरुषस्तद्विजानीते तस्मात्क्षेत्रज्ञ उच्यते |  ३६   क
गुणवृत्तं तथा कृत्स्नं क्षेत्रज्ञः परिपश्यति ||  ३६   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति