menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
आश्रमवासिक पर्व
अध्याय ४३
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
स राजा राजधर्मांश्च व्रह्मोपनिषदं तथा |  २   क
अवाप्तवान्नरश्रेष्ठो वुद्धिनिश्चय़मेव च ||  २   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति