menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
सभा पर्व
अध्याय ४३
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
पार्थान्सुमनसो दृष्ट्वा पार्थिवांश्च वशानुगान् |  १४   क
कृत्स्नं चापि हितं लोकमाकुमारं कुरूद्वह ||  १४   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति