menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
विराट पर्व
अध्याय ६१
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
त्रैलोक्यहेतोर्न जहेत्स्वधर्मं; तस्मान्न सर्वे निहता रणेऽस्मिन् |  २२   क
क्षिप्रं कुरून्याहि कुरुप्रवीर; विजित्य गाश्च प्रतिय़ातु पार्थः ||  २२   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति