menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय ३३
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
कर्णदुःशासनकृपैर्वृतो राजा महारथैः |  १७   क
देवराजोपमः श्रीमाञ्श्वेतच्छत्राभिसंवृतः |  १७   ख
चामरव्यजनाक्षेपैरुदय़न्निव भास्करः ||  १७   ग
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति