menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
विराट पर्व
अध्याय ४३
chevron_left
chevron_right
कर्ण उवाच
मम चापप्रमुक्तानां शराणां नतपर्वणाम् |  ३   क
नावृत्तिर्गच्छतामस्ति सर्पाणामिव सर्पताम् ||  ३   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति