उद्योग पर्व  अध्याय १४९

वैशम्पाय़न उवाच

तासां मे पतय़ः सप्त विख्यातास्तान्निवोधत |  ४   क
द्रुपदश्च विराटश्च धृष्टद्युम्नशिखण्डिनौ ||  ४   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति