उद्योग पर्व  अध्याय ४३

सनत्सुजात उवाच

मौनाद्धि स मुनिर्भवति नारण्यवसनान्मुनिः |  ३५   क
अक्षरं तत्तु यो वेद स मुनिः श्रेष्ठ उच्यते ||  ३५   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति