menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
कर्ण पर्व
अध्याय ४३
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
हस्तिकक्ष्यां रणे पश्य चरन्तीं तत्र तत्र ह |  २९   क
रथस्थं सूतपुत्रस्य केतुं केतुमतां वर ||  २९   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति