menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
कर्ण पर्व
अध्याय ४३
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
सार्वैः सहैभिर्दुष्टात्मा वध्य एष प्रय़त्नतः |  ४४   क
त्वय़ा यशश्च राज्यं च सुखं चोत्तममिच्छता ||  ४४   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति