menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शल्य पर्व
अध्याय ४३
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
एवं स कृत्वा ह्यात्मानं चतुर्धा भगवान्प्रभुः |  ३८   क
यतो रुद्रस्ततः स्कन्दो जगामाद्भुतदर्शनः ||  ३८   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति