आदि पर्व  अध्याय ४४

सूत उवाच

ततः स ववृधे गर्भो महातेजा रविप्रभः |  १६   क
यथा सोमो द्विजश्रेष्ठ शुक्लपक्षोदितो दिवि ||  १६   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति