menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
आश्वमेधिक पर्व
अध्याय ४४
chevron_left
chevron_right
व्रह्मो उवाच
सर्वे क्षय़ान्ता निचय़ाः पतनान्ताः समुच्छ्रय़ाः |  १८   क
संय़ोगा विप्रय़ोगान्ता मरणान्तं हि जीवितम् ||  १८   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति