menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
आश्रमवासिक पर्व
अध्याय ४४
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
सर्वे हि भस्मसान्नीता द्रोणेनैकेन संय़ुगे |  ३३   क
अवशेषास्तु निहता द्रोणपुत्रेण वै निशि ||  ३३   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति