menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
आश्रमवासिक पर्व
अध्याय ४४
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
भीमं च वलिनां श्रेष्ठं सान्त्वय़ामास पार्थिवः |  ४६   क
स चास्य सम्यङ्मेधावी प्रत्यपद्यत वीर्यवान् ||  ४६   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति