menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
विराट पर्व
अध्याय ४४
chevron_left
chevron_right
कृप उवाच
सदैव तव राधेय़ युद्धे क्रूरतरा मतिः |  १   क
नार्थानां प्रकृतिं वेत्थ नानुवन्धमवेक्षसे ||  १   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति