menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
विराट पर्व
अध्याय ४४
chevron_left
chevron_right
कृप उवाच
एकश्च पञ्च वर्षाणि व्रह्मचर्यमधारय़त् |  ६   क
एकः सुभद्रामारोप्य द्वैरथे कृष्णमाह्वय़त् |  ६   ख
अस्मिन्नेव वने कृष्णो हृतां कृष्णामवाजय़त् ||  ६   ग
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति