menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
भीष्म पर्व
अध्याय ६५
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
स निर्ययौ रथानीकं पिता देवव्रतस्तव |  ५   क
महता रथवंशेन संवृतो रथिनां वरः ||  ५   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति