menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय ४४
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
अलं त्रासेन वः शूरा नैष कश्चिन्मय़ि स्थिते |  १०   क
अहमेनं ग्रहीष्यामि जीवग्राहं न संशय़ः ||  १०   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति