menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
कर्ण पर्व
अध्याय ४४
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
तस्य दुःशासनो वाहुं सव्यं विव्याध मारिष |  २६   क
शितेन रुक्मपुङ्खेन भल्लेन नतपर्वणा ||  २६   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति