menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
उद्योग पर्व
अध्याय ४७
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
यो रुक्मिणीमेकरथेन भोज्या; मुत्साद्य राज्ञां विषय़ं प्रसह्य |  ६८   क
उवाह भार्यां यशसा ज्वलन्तीं; यस्यां जज्ञे रौक्मिणेय़ो महात्मा ||  ६८   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति