menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय ५८
chevron_left
chevron_right
वृहदश्व उवाच
एष पन्था विदर्भाणामय़ं गच्छति कोसलान् |  २२   क
अतः परं च देशोऽय़ं दक्षिणे दक्षिणापथः ||  २२   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति